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उल्टी और दस्त के घरेलू उपचार

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  उल्टी और दस्त के घरेलू उपचार :-   १ से २ ग्राम सोंठ का पावडर २ से १० ग्राम शहद के साथ देने से दस्त एवं उल्टी में लाभ मिलता है |  तुलसी के पंचाग का काढा देणे से अथवा प्याज, अदरक एवं पुदीने प्रत्येक के २ से ५ मिलीलीटर रस में १ से २ ग्राम नमक मिलाकर देणे से दस्त में लाभ होता है |  दस्त के रोगी की नाभी में बड का दुध में अदरक का रस मिलाकर लगा देणे से लाभ होता है |  आम की गुठली की गिरी का ४ से ५ ग्रॅम चूर्ण शहद के साथ देणे से लाभ होता है |   सौफ और जीरा सम भाग लेकर तवे पर भूने और बारीक पिसकर ३-३ ग्राम दिन में २-३ बार पानी के साथ खिलावे | दस्त बंद करने के लिए यह सस्ता व अच्छा इलाज है |  कैसे भी तेज दस्त हो जाणून के पेड की पत्तीयाँँ लेकर पीस लें | उसमे जरा सा सेंधा नमक मिलाकर उसकी गोली बना लें | एक एक गोली सुबह शाम पानी के साथ लेने से दस्त बंद हो जाते है |    

रोज सकाळी चालण्याचा व्यायाम करण्याचे फायदे

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  चालण्याचा व्यायाम :- निरोगी आरोग्यासाठी प्रत्येकाने नियमित व्यायाम करणे गरजेचे असते. व्यायाम हा चालणे, पाळणे, दोरीउड्या, मैदानी खेळ, जिना चढणे, सायकलिंग, पोहणे, वजन उचलणे अशा अनेक प्रकारांनी करता येतो. यापैकी सर्वात सोपा आणि स्वस्त व्यायाम प्रकार कोणता असेल तर तो चालण्याचा व्यायाम हा आहे.   चालण्याचा व्यायाम करण्याचे फायदे :-  शरीर मजबूत होते :- नियमित चालल्याने मांसपेशी, हाडे व सांधे मजबूत होतात त्यामुळे शारीरिक स्टॅॅमिना वाढतो.  रक्तप्रवाह व्यवस्थित होतो :- दररोज चालण्याचा व्यायाम केल्याने शरीरात रक्तप्रवाह व्यवस्थित होते. त्यामुळे शरीरातील हृदय, मेंदू सारख्या सर्वच महत्वाच्या अवयवात ऑक्सिजनयुक्त रक्ताचा पुरवठा व्यवस्थित होतो.  ब्लडप्रेशर नियंत्रित राहतो :- नियमित चालण्यामुळे रक्तदाब नियंत्रित राहते. त्यामुळे हाय ब्लडप्रेशरचा त्रास होत नाही. ब्लडप्रेशर नियंत्रित असणे खूप महत्वाचे आहे. कारण वाढलेल्या ब्लडप्रेशरमुळे हार्ट अटॅक, पक्षाघात, किडनी निकामी होण्याचा धोका वाढतो. त्यामुळे रक्तदाब नियंत्रित ठेवण्यासाठी नियमित चालण्याचा व्यायाम करणे उपयुक्त ठरत...

बुखार के जबरदस्त घरेलू उपाय

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  बुखार एक आम बिमारी है जो की मानव को होती रहती है | शरीर में बाहरी संक्रमण का प्रवेश कर जाना, मौसम का अचानक बदलना आदि बुखार के कारण बनते है | बुखार और कुछ नहीं बल्की शरीर की एक प्रक्रिया है | जब हमारे शरीर में कोई बाहरी संक्रमण प्रवेश कर जाता है, तो शरीर उस संक्रमण से अपनी रक्षा करने के लिए प्रतिरोध करता है | इस प्रतिरोध में शरीर का तापमान काफी बढ जाता है और इसी को हम बुखार आना कहते है|   बुखार के घरेलू उपाय :-  लौंग सबसे आसान उपाय :- यह लौंग का उपाय सबसे आसान है | अगर आपको सामान्य बुखार है, तो आप इसे जरूर आजमाए | एक लौंग अच्छे से बारीक पिसकर हलके गर्म पानी के साथ लेणे से बुखार जल्द ही ठीक हो जाता है | इस प्रयोग को आप दिन में तीन से चार बार करे, हर बार एक एक लौंग लें | इसका प्रयोग करणे के बाद खुली हवा में न जाए, आराम करे |  ठंडे पानी की पट्टी रखे :- यदि बुखार बढ गया हो तो एक कपडे को पानी में भिगो के मरीज के सर पर छाती पर और पैरो पर रखना चाहिये | आधे आधे घनते के अंतर में कपडे को भिगोकर निचोड के रखते रहिये तो टेम्परेचर नियंत्रण में रहेगा |   ...

सायकलिंग व्यायाम व सायकल चालवण्याचे फायदे

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  सायकलिंग व्यायाम :   सायकलिंग हा एक एरोबिक व्यायाम प्रकार असून सायकल चालवण्याचे शरीरासाठी अनेक फायदे आहेत. नियमितपणे सायकलिंगच्या व्यायामामुळे हृदय, फुफ्फुस, मांसपेशी, हाडे आणि सांध्याचे आरोग्य चांगले राहते, शरीरात रक्त संचारण व्यवस्थित होते, शरीरातील अतिरिक्त चरबी, कॅलरीज बर्न होऊन वजन आटोक्यात राहण्यास मदत होते.  सायकल चालवण्याचे फायदे :  स्नायू बळकट होतात :- सायकलिंगमुळे शरीराच्या मांसपेशी, सांधे आणि हाडांची हालचाल होते. त्यामुळे स्नायू बळकट होतात. त्याचबरोबर हाडे व सांधे मजबूत होण्यासही यामुळे मदत मिळते. शरीराच्या फिटनेससाठी सायकलिंगच्या व्यायामाचा फायदा होतो.  वजन नियंत्रित राहते :- सायकल चालवण्याचा व्यायाम हा वजन कमी करण्यासाठी एक उत्तम पर्याय आहे. कारण सायकलिंगमध्ये आपल्या शरीराच्या अनेक स्नायूंंचा व्यायाम होतो. फक्त अर्धा ते एक तास सायकलिंगमुळे तुम्हाला संपूर्ण वर्कआउटचा फायदा मिळतो. एक तासाच्या सायकलच्या व्यायामातून ५०० ते ८०० कॅलरीज बर्न करता येतात. त्यामुळे वजन आटोक्यात राहण्यास सायकल चालवण्याने मदत होते.   मधुमेह आणि कॅन्सर...

हल्दी के गुण से अपने सौंदर्य को निखारे

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  हल्दी के गुण : bsp; कच्ची हल्दी में कैंंसर से लडणे के गुण होते है | यह खासतौर पर पुरुषोंं में होने वाले प्रोस्टेट कैंंसर के कैंसर सेल्स को ब्ध्ने से रोकने के साथ साथ उन्हें खत्म भी कर देती है | यह हानिकारक रेडीएशन के संपर्क में आने से होनेवाले ट्युमर से भी बचाव करती है |  हल्दी में सुजन को रोकने का खास गुण होता है | इसका उपयोग गठीया रोगियो को अत्याधिक लाभ पहूंंचाता है | यह शरीर के प्राकृतिक सेल्स को खत्म करने वाले फ्री रेडीकल्स को खत्म करती है | और गठीया रोग में होणे वाले जोडो के दर्द में लाभ पहूंंचाती है |  कच्ची हल्दी में इन्सुलिन के स्तर को संतुलित करने का गुण होता है | इस प्रकार यह मधुमेह रोगियो के लिए बहुत लाभदायक होती है |  हल्दी के लगातार इस्तेमाल से कोलेस्ट्रोल सेरम का स्तर शरीर में कम बना रहता है | कोलेस्ट्रोल सेरम को नियंत्रित रखकर हल्दी शरीर को हृदय रोगो से सुरक्षित रखती है |   हल्दी का उपयोग त्वचा को चमकदार और स्वस्थ रखने में बहुत कारगर है|  कच्ची हल्दी से बनी चाय अत्यधिक लाभकारी पेय है | इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है |...

वयाच्या ४०शी नंतर पुरुषांनी करावयाच्या वैद्यकीय तपासण्या

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  वयाच्या ४०शी नंतर पुरुषांनी करावयाच्या वैद्यकीय तपासण्या :  रोग उत्पन्न होऊ नये म्हणून वेळीच दक्ष राहणे केव्हाही चांगले असते. यासाठी वेळोवेळी तज्ञांच्या मार्गदर्शनानुसार वैद्यकीय तपासण्या करून घेणे गरजेचे असते. नियमित तपासण्या केल्यामुळे अनेक गंभीर विकारापासून दूर राहण्यास मदत होते.  जस जसे वय वाढत जाते तसे शरीर अनेक रोगांना बळी पडू लागते. अनेक आरोग्याच्या समस्या उत्पन्न होऊ लागतात. यासाठी दक्षता म्हणून नियमित तपासणीचा अवलंब करावा.   रक्तदाब तपासणी :  हृदयाच्या आरोग्यासाठी नियमित रक्तदाब तपासणी करून घ्यावी. यामुळे हृदयरोग, धमनीकाठीण्य, उच्चरक्तदाब, पक्षाघात यासारख्या गंभीर रोगांपासून सतर्क राहण्यास मदत मिळते.  ब्लड कोलेस्ट्रोल टेस्ट :  वर्षातून एकदा तरी कोलेस्ट्रोल चाचणी करून घ्यावी. यामुळे हृदयरोग, धमनीकाठीण्य, उच्चरक्तदाब, पक्षाघात यासारख्या गंभीर रोगांपासून सतर्क राहण्यास मदत मिळते. धुम्रपान करणाऱ्यांनी नियमित कोलेस्ट्रोलची तपासणी करून घ्यावी.   बल्ड ग्लुकोज टेस्ट :  रक्तातील साखरेची तपासणी नियमित करावी. त्यामुळे मधुमेह ...

सफेद दातोंं के लिए घरेलू टिप्स

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  बेकिंग सोडा और पानी को मिलकर ब्रश से ४-५ मिनट तक एक हफ्ते रोज साफ करे | और फिर देखे की आपके दात में कितनी चमक आती है | या फिर अप यह भी कर सकते है की स्ट्राॅॅबेरी के गुदे पर थोडा सा बेकिंग सोडा छिडके और उससे अपने दातोंं को साफ करे | पर ध्यान रखें की बेकिंग सोडा का रेगुलर युज न करे |   रात को सोने से पहले संतरे के छिलके से दातोंं को रगडे संतरे में विटामिन सी होता है | जो रात को सूक्ष्मजीवोंं से लडने में सहायता देता है | घर में अगर संतरे के फ्रेश संतरे के छिलके नही है तो संतरो के छिलकों का पावडर बनाकर रख सकते है और उस पावडर से रोज रात में सोने से पहले दात में रगड के मालिश करले ४-५ मिनिट तक कुछ समय तक यह करते रहेंं दातोंं में सडन और बद्बू से छुटकारा मिलेगा | कुछ निंबू की बुंदे और नमक को मिलकर दातो और मसुडोंं में लगा कर हलकी मसाज करे, इसे दिन में दो बार करे, इससे दातो के पिले पण से छुटकारा मिलता है |  लकडी के कोयला के साथ आम नमक के मिश्रण को धीरे से अपने दातोंं पर रगड कर सकते है | इससे दातो में पिलापण दूर हो जायेगा |